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फालतू का सोचना कर सकता है आपको पागल, देखें संकेत

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यदि आप बीते हुए कल के बारे में या आने वाले कल के बारे में ही सोचती रहती हैं, तो आपको अपनी मेंटल हेल्‍थ के प्रति सतर्क हो जाना चाहिए। हम बता रहे हैं, ऐसे कुछ संकेत जो यह जानने में आपकी मदद करेंगे कि आप वाकई जरूरत से ज्‍यादा सोचती हैं। जिसे ओवर थिंकर कहा जाता है।

पहला संकेत : क्या आप हर चीज मे मतलब ढूंढती हैं?

क्या आप हर छोटी से छोटी बात का भी कारण ढूंढती हैं, जो कि आपके जीवन में घटित होती है (या नहीं होती)। इसका मतलब आप खुद को हर समय हर छोटी-बड़ी चीज पर सोचने में व्‍यर्थ कर रहीं हैं! आपको सार्वजनिक स्थान पसंद होंगे, परंतु वह आपके लिए एक ही समय पर आकर्षक और भारी दोनों हो सकते हैं।

आप उन सभी चीजों के बारे में सोचेंगी जो आप के आस पास हो रही हैं और आप सभी पर विश्वास भी करने लगेंगी। जो कि असल में एक पेचीदा मामला है। आपको बस अपने आप को यह याद दिलाना है कि हर चीज के पीछे एक बहुत बड़ा कारण नहीं होता। बस बात इतनी सी है कि आपका दिमाग कुछ ज्यादा ही भार उठा रहा है ।

दूसरा संकेत : आपको सोने में बहुत परेशानी होती है।

अगर आप बहुत ज्यादा सोचती हैं, तो यह परेशानी आपके दिमाग को बिल्कुल सक्रिय कर देती है और इसको आराम करने की एक क्षण भी अनुमति नहीं देती। आप अच्छी तरह से सोने में इसलिए असमर्थ होते हैं, क्योंकि आपके दिमाग में बहुत सारे विचार एक साथ आ रहे होते हैं। आपको बिस्तर पर जाने से पहले कोई किताब पढ़नी चाहिए या फिर ध्यान लगाना चाहिए।

तीसरा संकेत : क्या आप जितना काम नहीं करतीं उससे ज्यादा सोचती हैं?

अगर आप जितना काम कर रहीं हैं, उससे कही ज्‍यादा सोच रहीं हैं, तो यह निश्चित है कि सोचना आपकी बीमारी है। इससे उत्पादकता कम होती है।

जी हां यह बिल्कुल सच है! आपके दिमाग में कई उम्दा विचार होंगे पर आप सोचते-सोचते ही अपना सारा समय व्यर्थ कर देती हैं और अंत में आप कुछ नहीं कर पाती। तो अपने सोचने के समय को कम करके काम करने के समय को बढ़ाएं।

पांचवा संकेत : आप आमतौर पर सर दर्द की परेशानी से जूझती हैं

जी हां बहुत सारे विचार अगर आपके दिमाग में हैं, तो यह सर दर्द की परेशानी को जन्म दे सकता है। यह हमारे शरीर का एक संकेत है कि अब हमारे दिमाग को आराम करने की जरूरत है। इस परेशानी से उभरने में गहरी सांस लेने वाले व्यायाम बहुत मदद कर सकते हैं।

जापान ने आखिरकार हवा में उड़ने वाली गाड़ी बना ही ली!

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जापान एक ऐसा देश है जिसकी तरक्की और टेक्नोलॉजी के बारे में आज पूरी दुनिये में चर्चा होता है ये देश इतनी तेजी से तरक्की करेगा इसका कोई दावा नहीं कर सकता था ये देश एडवांस टेक्नोलॉजी से भरा हुआ है इस देश में हर काम को करने के लिए मशीने तैयार की जा चुकी हैं लेकिन आज इस देश ने कुछ ऐसा कर दिखाया है जिसके बारे में आप सोच भी नहीं सकते हैं जहां और देशों में रोड पर सबसे तेजी से चलने वाली गाड़ियों को बनाने की तैयारी हो रही है वहां इस देश ने हवा में उड़ने के लिए बाइक बना ली है

ये सब पहले हॉलीवुड की फिल्मों में उड़ने वाली कार को लोग देखते तो उसको एक सपना समझते थे ऐसी कार बन भी सकती है कभी किसी नहीं सोचा था लेकिन अब यह सपना जापान ने पूरा कर दिया है जापान ने एक ऐसी कार बनायी है जो आसमान में उड़ सकती है इसका परीक्षण भी जापान ने कर लिया है। जोकि सफल रहा है।

कंपनी ने इसका एक वीडियो पूरी दुनिया को दिखाया, जिसमें एक मोटरसाइकिल जैसे वाहन जिसमें लगे प्रणोदकों ने उसे जमीन से कई फुट (एक से दो मीटर) की ऊंचाई पर उड़ाया। यह मोटरसाइकिल एक निश्चित क्षेत्र में चार मिनट तक हवा में रही। स्काईड्राइव की इस परियोजना के प्रमुख तोमोहिरो फुकुजावा ने कहा कि उन्हें 2023 तक ‘उड़ने वाली कार’ के वास्तविक उत्पाद के तौर पर सामने आने की उम्मीद है।

कम्पनी ने माना कि इसे सुरक्षित बनाना एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि दुनियाभर में उड़ने वाली कार को लेकर 100 से अधिक परियोजनाएं चल रही हैं। उनमें से कुछ ही ऐसी परियोजनाएं हैं जो एक व्यक्ति को लेकर उड़ान भरने में सफल रही हैं।

फुकुजावा ने कहा कि मुझे आशा है कि कई लोग इसे चलाना चाहते हैं और सुरक्षित महसूस करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यह अभी पांच से दस मिनट ही उड़ सकती है, लेकिन इसके उड़ान समय को बढ़ाकर 30 मिनट किया जा सकता है। इसमें कई संभावनाएं हैं और इन्हें चीन जैसे देशों में निर्यात भी किया जा सकता है।

आपको बता दें कि स्काईड्राइव परियोजना पर 2012 में एक स्वैच्छिक परियोजना के तौर पर काम शुरू किया गया था। इस परियोजना को जापान की प्रमुख वाहन कंपनी टोयोटा मोटर कॉर्प, इलेक्ट्रॉनिक कंपनी पैनासॉनिक कॉर्प और वीडियो गेम कंपनी नैमको ने वित्त पोषण दिया था। तीन साल पहले भी इस कार का एक परीक्षण किया गया जो असफल रहा था

10 सितम्बर राशिफल, इन 5 राशियों के सालों से रुके कामों में मिलेगी सफलता, होगी धन की वर्षा

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मेष राशि
वाक्यपटुता एवं व्यवहार कुशलता से संबंधों में प्रभावी होंगे। भौतिक आकांक्षाएं सार्थकता हेतु मन को उद्वेलित करेंगी। पारिवारिक दायित्वों की पूर्ति हेतु मन केंद्रित होगा। जरूरी कार्य समय से पूर्ण करें।

मिथुन राशि
सामाजिक गतिविधियों में आपकी क्रियाशीलता बढ़ेगी। नये लक्ष्य एवं नये कायरे में व्यस्तता बढ़ेगी। आर्थिक क्षेत्र में परिश्रम का पूरा लाभ प्राप्त होगा। जीवन साथी के स्वास्य के प्रति सतर्कता बरतें।

कन्या राशि
कोई नयी इच्छा मन पर प्रभावी होगी। सामान्य दिनर्चया के साथ बीत रहे जीवन में उत्साह का अभाव रहेगा। कार्यक्षेत्र में अति व्यस्तता रहेगी। अपने स्वास्य के प्रति सचेत रहें।

तुला राशि
नये र्कायों के क्रियान्वयन हेतु प्रयत्न तीव्र होगा। काफी दिनों से अवरोधित कोई कार्य हल होने की संभावना है। कल्पनाओं में जीना छोड़ भौतिक जगत के अनुरूप चलने का प्रयत्न करें।

मकर राशि
महत्वपूर्ण र्कायों की पूर्ति हेतु मन चिंतित होगा। प्रतिभाओं पर भरोसा रख महत्वपूर्ण लक्ष्यों को फलीभूत करने हेतु केंद्रित हों। ग्रहों की अनुकूलता प्रगति के अवसर प्रदान करेगी।

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के केस से जुड़ी रिया चक्रवर्ती को किया गिरफ्तार

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बॉलीवुड में अपने दम पर अपना नाम कमाने वाले अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत ने अपनी लाइफ में चल रही टेंशन के कारण अपने फ्लेट में फांसी लगा ली थी लेकिन इस केस के बारे में धीरे-धीरे मामले सामने आ रहे हैं और बहुत सी अफवाह भी फैल रही हैं लेकिन अभिनेता सुशांत सिंह की मौत को लेकर एक और बड़ी खबर सामने आई है

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत केस में रिया चक्रबर्ती को गिरफ्तार कर लिया गया है। एनसीबी ने रिया को गिरफ्तार किया है। अब उनके मेडिकल टेस्ट किए जाने हैं। वहीं, दूसरी ओर भाई शोविक पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो का शिकंजा कसता जा रहा है। शोविक जहां ड्रग्स मामले में पहले से एनसीबी की हिरासत में है।

सोमवार को रिया ने सुशांत सिंह की बहन प्रियंका के खिलाफ बांद्रा थाने शिकायत दर्ज कराया था। सुशांत सिंह राजपूत के पिता केके सिंह ने डॉक्टर सुजैन वॉकर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। एक्टर के पिता ने डॉक्टर के खिलाफ मेडिकल काउंसिल में शिकायत की है।

गौरतलब है कि सुजैन वॉकर सुशांत की थेरेपिस्ट रह चुकी हैं। उन्होंने सुशांत की दिमागी बीमारी पर बयान दिया था और एक्टर को बाइपोलर डिसऑर्डर होने की भी बात कही थी। सुशांत की बहन प्रियंका और अन्य के खिलाफ दर्ज केस पर सुशांत के पिता के वकील ने कहा यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना है। वकील विकास सिंह ने कहा कि रिया चक्रवर्ती जो इस एफआईआर के माध्यम से कहना चाह रही हैं वो सीबीआई को अपने बयान में दे सकती थीं।

सीबीआई को लगता तो उस पर अपनी चार्जशीट में विचार करता। दूसरी एफआईआर जो दर्ज कार्रवाई है वो सुप्रीम कोर्ट के आदेश में बिल्कुल मान्य नहीं है और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ है।

सावन के महीने में व्रत रहने के साथ-साथ इन बातों को त्याग दें

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सावन के सोमवार अगर आप भी मन से महादेव की पूजा करते हैं और सच्चे मन से व्रत रहते हैं तो आपको अपना मन भी साफ रखना चाहिए बरना ये पूजा पथ और व्रत सब व्यर्थ है क्योंकि आप आपने मन और आत्मा को शांत रखेंगे तो महादेव भी आपसे उतने ही प्रसन्न होंगे जितना आप उन्हें करना चाहते हैं हैं आज हम आपको बताएंगे ये सावन का महीना आपको किस तरह और किस भावना से भगवान शिव के ध्यान में बिताना है आप अपने मन से कुछ ये बातें त्याग दें और सुख शांति से भगवान शिव का व्रत रहें

क्रोध करने से रहें दूर

क्रोध करना तो वैसे भी नुकसानदायक होता है। क्रोध में लिए गए फैसले अक्सर हमें हानि पहुंचाते हैं। जब क्रोध आता है तो मन की एकाग्रता और विवेक क्षीण हो जाता है। ऐसे में मन अशांत होने से की गई पूजा निष्प्रयोज्य हो जाती है। लिहाजा यह व्यर्थ हो जाती है।

किसी का अपमान न करें .

वैसे तो हमें किसी का अपमान कभी नहीं करना चाहिए। लेकिन सावन में किसी बुजुर्ग, अपने से बड़े, गुरुजनों, भाई-बहन, दोस्त, जीवन साथी या किसी निर्धन व्यक्ति का अपमान भूलकर भी नहीं करना चाहिए। सदैव इनको सम्मान दें।

बुरे विचार मन में न लाएं

घर में झगड़ा न करें

कहते हैं कि जिन घरों में क्लेश होता है, अशांति बनी रहती है वहां देवी-देवताओं का निवास नहीं होता है। झगड़ा करने से पूरे घर की शांति भंग हो जाती है। सावन में विशेष ध्यान रखें कि घर में या पति-पत्नी में विवाद न हो। एक-दूसरे की गलतियों को क्षमा करें। मन प्रसन्न रहेगा तो ध्यान भी पूजा में लगेगा और आपकी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।

पौराणिक कथा

मान्यता के अनुसार जब देवताओं और असुरों के बीच समुद्र मंथन चल रहा था तब समुद्र से विष का घड़ा निकला। लेकिन इस विष के घड़े को न ही देवता और न ही असुर लेने को तैयार हो रहे थे। तब विष के प्रभाव को खत्म करने के लिए और समस्त लोकों की रक्षा करते हुए भगवान शंकर ने इस विष का पान किया था। विष के प्रभाव से भगवान शिव का ताप बढ़ता जा रहा था तब सभी देवताओं ने विष के प्रभाव को कम करने के लिए भगवान शंकर पर जल चढ़ाना शुरू कर दिया था। तभी से सावन के महीने में भगवान शिव का जलाभिषेक करने की परंपरा चली आ रही है।

सावन का पहला सोमवार करें ये उपाय, महादेव हो जाएंगे प्रसन्न

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आज हम आपको बताएंगे की महादेव को खुश करने के लिए कुछ ऐसे विधियां जिन्हे कर आप अपनी सभी महोकामनाएँ पूरी कर सकते हैं महादेव को सभी देवों में सर्वोच्च माना गया है ये अपने भक्तों को कभी भी नीरस नहीं करते हैं इन्हे मनाना सभी देवों से आसान है ये अपने सच्चा भक्तों को कभी निराश नहीं करते आज हम आपको बताएंगे सावन के सोमवार में महादेव को प्रसन्न कैसे करें

भगवान शिव के प्रिय मास सावन का प्रारंभ आज से हो गया है। इसमें सबसे अच्छी बात ये है कि आज सावन के पहले दिन ही सावन का पहला सोमवार व्रत है। सावन मास में पांच सोमवार पड़ रहे हैं। सावन मास में पांच सावन सोमवार व्रत का विशेष महत्व माना गया है। सावन सोमवार का व्रत रखने वालों के लिए यह उत्तम है। संतान प्राप्ति, उत्तम स्वास्थ्य और मनोवांछित जीवन साथी के लिए यह व्रत किया जाता है। भगवान शिव की आराधना से वैवाहिक जीवन के दोषों तथा अकाल मृत्यु से मुक्ति मिलती है। आइए जानते हैं कि इस सावन के सोमवार किस तिथि को हैं, इस दिन भगवान शिव की पूजा कैसे करें, किन मंत्रों का जाप करें और व्रत की विधि क्या है?

इस वर्ष सावन के 5 सोमवार

सावन का पहला सोमवार: 06 जुलाई, 2020

सावन का दूसरा सोमवार: 13 जुलाई, 20204

सावन की तीसरा सोमवार: 20 जुलाई, 2020

सावन का चौथा सोमवार: 27 जुलाई, 2020

सावन का पांचवां सोमवार: 03 अगस्त, 2020

पूजा का समय

ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट के अनुसार, सावन में भगवान शिव की पूजा के लिए कोई विशेष मुहूर्त नहीं होता है। राहुकाल या अन्य चीजें उनके लिए मायने नहीं रखती हैं। आप प्रात:काल में भगवान शिव और शक्ति की पूजा कर लें, य​ह उत्तम है या दिन में कभी भी।

सावन सोमवार व्रत एवं पूजा विधि

आज के दिन प्रात:काल में स्नान आदि कर स्वच्छ हो लें। इसके बाद साफ कपड़े पहनें तथा पूजा स्थान की सफाई कर लें। भगवान शिव और माता पार्वती की तस्वीर या मूर्ति को गंगाजल से साफ कर लें। अब जल पात्र में गंगा जल मिला हुआ पानी भर लें। इसके पश्चात दाहिने हाथ में जल लेकर सावन सोमवार व्रत एवं पूजा का संकल्प करें।

अब ओम नम: शिवाय मंत्र का उच्चारण करते हुए भगवान शिव शंकर का जलाभिषेक करें। उनको अक्षत्, सफेद फूल, सफेद चंदन, भांग, धतूरा, गाय का दूध, धूप, पंचामृत, सुपारी आदि चढ़ाएं। कम से कम 12 बेलपत्र शिव जी को अर्पित करें। बेलपत्र चढ़ाते समय ओम नम: शिवाय शिवाय नम: मन्त्र का उच्चारण करें। अब ओम शिवायै नमः मंत्र से पार्वतीजी का षोडशोपचार पूजन करें। अब शिव चालीसा का पाठ करें तथा व्रत कथा सुनें। पूजा के अंत में भगवान शिव जी की आरती करें।

व्रती को दिनभर फलाहार करते हुए अच्छा आचरण करना चाहिए। संध्या के समय शिव पुराण का पाठ और संध्या आरती करें। इसके बाद प्रसाद वितरित करें और स्वयं ग्रहण करें तथा पारण कर लें। पूरे दिन तक व्रत करने में सक्ष्म न हों, तो सूर्यास्त के बाद पारण कर लें।

प्रेगनेंसी के के दौरान महिलाओं को मिलते हैं ये 6 संकेत

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शादी के बाद महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी उनकी पहली प्रेगनेंसी के दौरान होती है क्योंकि ये अहसास उनको लाइफ में पहली बार होता है इसलिए उन्हें प्रेगनेंसी के दौरान कुछ भी समझ में नहीं आता की ये कैसे शुरू होती है और इसमें अपना कैसे ध्यान रखें और कैसे अपने बच्चे को जन्म दें

कुछ महिलाएं डॉक्टरों के पास जाने से घबराती हैं तो कुछ शर्माती हैं ऐसे में हम आपको बताएंगे की प्रेगनेंसी के शुरूआती समय में महिलाओं को किस तरह के संकेत मिलते हैं जिससे बह प्रेगनेंसी का पता लगा सकती है

प्रेगनेंसी किसी भी महिला के लिए एक सुखद एहसास होता है। मगर इस दौरान महिलाओं को कई शारीरिक परेशानियों से गुजरना पड़ता है। इसकी प्रमुख वजह हार्मोनल परिवर्तन है। मगर, प्रेगनेंसी की शुरूआत में ही कुछ ऐसे बदलाव आते हैं, जिनसे पता चल सकता है कि आप प्रेगनेंट हैं या नहीं। आमतौर पर प्रेगनेंसी शुरूआत में पीरियड्स आने बंद हो जाते हैं। इसे एक लक्षण माना जाता है। हालांकि प्रेगनेंसी के और भी कई लक्षण हैं:

ब्रेस्‍ट में बदलाव (सूजन या कड़ापन)
ब्रेस्‍ट की त्‍वचा के रंग में बदलाव
उल्‍टी और जी मचलाना (पीरियड्स रूकने के 8 माह के भीतर)
प्रेगनेंसी में सुबह-सुबह उठने पर कमजोरी महसूस होना
हर समय थकान महसूस होना
क्रेविंग होना यानी उल्‍टी सीधी चीजें खाने का मन करना