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बच्चों पर कोरोना वायरस के 5 “साइड इफेक्ट” कराएं जांच

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बाल चिकित्सा की जांच के दौरान ये सामने आया है की दुनियाभर में बच्चों को कोरोना होने से पहले ये 5 साइड इफेक्ट मिलते हैं जिन पर माता-पिता और परिवार वाले ध्यान नहीं देते हैं इन्ही कारणों की वजह से बच्चों में भी तेजी से कोरोना वायरस फ़ैल रहा है

1. टीकाकरण- बच्चों को हर बीमारी से दूर रखने के लिए टीकाकरण लगाया जाता है Lockdown में कैद बच्चे टिका नहीं लगवा पा रहे हैं इसी कारण उन्हें खसरा,काली खांसी,जैसी बीमारियों से प्रोटेक्शन नहीं मिल पा रहा है इस कोरोना के कारण लोग अपने बच्चों को टिका लगवाने के लिए घर से बहार नहीं लेजा पा रहे हैं इस मामले में सरकार ने भी कोई सहायता नहीं की इस समय 24 से ज्यादा देशों में टीकाकरण की सुविधा पर रोक लगा दी गई है

2. भावनात्मक दबाव- इस Lockdown में घर में रह-रह कर सबके दिमागों पर बुरा असर पड़ रहा है लेकिन इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों को पड़ रहा है इसलिए डॉक्टरों का कहना है की सभी माता-पिता और परिवार वाले अपने बच्चों पर पूरा ध्यान दें ताकि वे किसी भी प्रकार के डिप्रेशन में न जाएँ और अपने बच्चों के साथ हँसते-बोलते इस मुश्किल समय को काटिए ताकि उन्हें कोई भी परेशानी का सामना न करना पड़े

3. सामाजिक दूरी- बढ़ती उम्र के साथ बच्चे समाज से बहुत कुछ सीखते हैं उनके दिलों में अपने माता-पिता और परिवार वालों के साथ-साथ और भी लोगों के प्रति जगह बन जाती है उन्हें बहार जाकर और भी बच्चों के साथ खेलने की जरूरत है लेकिन इस खराब समय में परिवार वालों के दबाव के कारण बह कहीं नहीं जा पा रहे और उनका दिमार डिप्रेशन में जा रहा है

4. साधनों के आभाव में गरीब बच्चों पर दबाव– दुनिया में गरीबी सबसे बड़ी बीमारी है गरीब घर के बच्चे मेहनत-मजदूरी कर दो वक्त की रोटी कमा पाते हैं लेकिन इस महामारी के दौरान सबसे ज्यादा परेशानी गरीब घर के बच्चों को ही हो रही है कई देशों में तो बच्चों के लिए आजीविका के साधन ही नहीं हैं Lockdown के बाद भी इन बच्चों में कोरोना वायरस का खतरा रहेगा

5. पढ़ाई का नुकसान- इस Lockdown में स्कूलों का बंद होने के बाद बच्चों की पढ़ाई में बड़ा नुकशान हो रहा है कुछ स्कूलों में तो ऑनलाइन शिक्षा दे रहे हैं लेकिन कुछ बच्चों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है बह ऑनलाइन पढ़ाई के लिए जरूरी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस नहीं जुटा पा रहे हैं उन्हें सवालों के जबाव देने वाले शिक्षक नहीं मिल रहे हैं ये बच्चे जब स्कूलों में लौटेंगे तब इन्हे पढ़ाई में ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होगी

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